अरविंद केजरीवाल तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं. इस चुनाव में बंपर जीत के साथ केजरीवाल ने लोकसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार का बदला लिया है.<br /><br />लेकिन केजरीवाल का इरादा एक वक्त सक्रिय राजनीति का नहीं था. 2011 में अन्ना आंदोलन के वक्त सरकार से जनलोकपाल पर सहमति न बन पाने के चलते उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई थी. जानते हैं आईआईटी से अन्ना आंदोलन तक केजरीवाल का सफर<br />